दिल्ली के पहाड़गंज में वेश्यावृति के रैकेट का भंडाफोड़ किया, दिल्ली महिला आयोग ने नाबालिग लड़कियों को बचाया।

शहज़ाद अहमद / नई दिल्ली

कल देर शाम हुए एक रेस्क्यू ऑपरेशन में एक एनजीओ मिशन रेस्क्यू ऑपरेशन की सूचना पर दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली के पहाड़गंज में एक होटल में चल रहे वेश्यावृति के रैकेट का भंडाफोड़ किया और 4 लड़कियों को बचाया| उनके एजेंट को भी गिरफ्तार कर लिया गया है|
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल और सदस्या किरण नेगी को एक एनजीओ मिशन रेस्क्यू ऑपरेशन से सूचना मिली कि सेंट्रल दिल्ली में एक एजेंट वेश्यावृति के लिए लड़कियों की आपूर्ति कर रहा है| दिल्ली महिला आयोग की एक टीम दिल्ली पुलिस के साथ बताये गए होटल पर पहुंची और उसके कमरों में घुस गयी| उन कमरों से 4 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू कर लिया गया जहाँ पर वे ग्राहकों के साथ थीं| रेस्क्यू की गयी लड़कियों को शेल्टर होम भेज दिया गया है, उनको आज बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जायेगा| लड़कियों के एजेंट साहिल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, उसके पास से एनजीओ मिशन रेस्क्यू ऑपरेशन द्वारा फर्जी ग्राहक बनकर भेजे गए लोगों द्वारा निशान लगाये गए नोट बरामद किये गए|
रेस्क्यू की गयी लड़कियों में से दो लड़कियां नेपाल से हैं, एक असम से है और एक बिहार से है| दिल्ली महिला आयोग द्वारा काउन्सलिंग के दौरान उन्होंने बताया कि वे बहुत गरीब परिवारों से आती हैं और उनके परिवार में कमाने वाला कोई और नहीं है| लड़कियों ने बताया कि वे दिल्ली में हुई अपनी कमाई का उपयोग गाँव में अपने परिवार के पालन पोषण के लिए करती हैं| उनको एक ग्राहक से 500 रूपए मिलते हैं, उनमे से आधे एजेंट ले लेता है| एजेंट मसाज करने, क्लब में डांस करने और वेश्यावृति के लिए ग्राहकों की व्यवस्था करता था| काउन्सलिंग के दौरान लड़कियां टूटकर रोने लगीं और कोई सम्मानजनक रोजगार करने की इच्छा व्यक्त की, ताकि वे अपने परिवार का भरण पोषण जारी रख सकें| दिल्ली महिला आयोग बाल कल्याण समिति से उनके लिए अच्छी तरह से पुनर्वास करने का अनुरोध करेगा| दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल ने कहा, “देश में नाबालिग लड़कियों की, खासकर नेपाल से लगातार तस्करी हो रही है| राजधानी में अवैध देह व्यापार पर कोई रोक नहीं लग पा रही है, चिंता की बात यह है कि इसके लिए और अधिक संख्या में छोटी लड़कियों की तस्करी की जा रही है| हम ख़तरा मोल लेकर रेस्क्यू ऑपरेशन करते हैं, मगर समस्या यह है कि जब तक पुलिस द्वारा इन अपराधों की ठीक तरह से जांच नहीं की जाती है, तब तक यह सुनिश्चित नहीं किया जा सकता कि कि अभी कितनी और लड़कियां इन तस्करों के चंगुल में हैं| साथ ही उन लड़कियों के लिए भी एक अच्छी पुनर्वास नीति होनी चाहिए जिनको तस्करी कर लाया जाता है और उनका देह व्यापार में शोषण किये जाता है|”

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