दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 8 साल के मासूम के मर्डर के आरोपी को धर दबोचा

शहज़ाद अहमद / नई दिल्ली
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे अनसुलझे, ब्लाइंड मर्डर की मिस्ट्री को सुलझा लिया है, जिसे कुछ दिन पहले खुद दिल्ली पुलिस ने हत्या मानने से इनकार कर दिया था और एक 8 साल के मासूम की हत्या को महज एक एक्सीडेंट डेथ बता कर इतने गंभीर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था, जबकि मासूम का परिवार लगातार पुलिस से बच्चे की हत्या का शक जता रहा था, क्योंकि बच्चे की मौत के बाद भी पीड़ित परिवार से फोन पर लगातार 25 लाख की फिरौती मांगी जा रही थी। ये हैरान करने वाला सनसनीखेज मामला दिल्ली के अमन विहार थाना इलाके का है, जहाँ स्थानीय पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। डी सी पी क्राइम ब्रांच जॉय टर्की ने बताया कि जांच करते हुए आखिरकार इंस्पेक्टर मुकेश अंतिल और उनकी टीम ने इस अनसुलझे ब्लाइंड मर्डर की मिस्ट्री को सुलझाते हुए मृतक मासूम के पड़ोस ने रहने वाले गौतम नाम के एक युवक को धर दबोचा। जिसने पहले तो पुलिस को काफी गुमराह करने की कोशिश कि लेकिन फिर बाद में उसने क्राइम ब्रांच को बताया कि पैसे के लालच में आकर उसने एक सोची समझी साजिश के तहत बच्चे को किडनेप किया और पहचान होने के डर से मासूम को मौत के घाट उतार दिया। साथ ही शव को पास के नाले में फेंक कर बच्चे के पिता से पैसे ऐंठने के लिए उस से लगातर फोन कर 25 लाख की फिरौती मांगता रहा और तो और वो पीड़ित परिवार के साथ उन्हें सांत्वना भी देता रहा, ताकि वो परिवार की हर एक हरकत पर नज़र रख सके और उस पर किसी को कोई शक भी न हो।
पकड़े गए आरोपी युवक गौतम ने खुद बताया कि उसने पैसे के लिए उसे बड़ा भैया बोलने वाले मासूम सार्थक की हत्या कर दी, आरोपी के अनुसार उसने पहले ही दिन बच्चे को ले जाकर नाले में धकेल दिया, और फिर पीड़ित परियर के साथ ही बच्चे को ढूढ़ता रहा। और फिर अलग होते ही बच्चे के पिता को फिरौती के लिए कॉल करता था। हालांकि आरोपी का कहना कि उसने इस पूरी वारदात को अकेले अंजाम दिया है जब कि उसकी कॉल रिकॉर्डिंग में ऐसा लगा रहा है कि 1-2 लोग उसके साथ हैं। और यही बात मृतक बच्चे के परिवार का भी कहना है। बरहाल पुलिस इस एंगल से भी अभी मामले की जांच कर रही है।
दरअसल पिछले महीने की 23 तारीख शाम को 8 साल का समर्थ अचानक घर के बाहर से गायब हो गया था जिसके बाद परिजनों ने काफी ढूढने के बाद पुलिस को मामले की सूचना दी, और कार्यवाही नही होते देख कई स्थानीय लोग थाने गए फिर जाकर पुलिस ने 25 तारीख को खोजबीन शुरू की तभी गायब हुए बच्चे का शव घर के पास ही एक नाले से सडी गली हालात में बरामद हुआ। जिसके बाद अगले दिन जब बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा था तब मृतक बच्चे के पिता के पास आई एक फोन कॉल ने न सिर्फ उनके बल्कि पुलिस के भी होंश उड़ा दिए। कॉल करने वाले ने बच्चे के पिता से कहा कि तेरा बच्चा हमारे पास है, जो डेड बॉडी तुम्हारे पास है, वो किसी और की है जिसे हमने तेरे बच्चे के कपड़े पहनाए हैं। और अगर बच्चा चाहिए तो 25 लाख रुपये देने होंगे। (कॉल रिकॉर्डिंग, फिरौती मांगते हुए) बाकी पुलिस जांच कर रही है ।

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