भारत के विचित्र कानून जिन्हे जानना जरुरी है आपके लिए – Crimeindelhi

भारत में कानूनों की कमी नहीं है. शायद गिनती खत्म हो जाए पर कानून की किताब पूरी ना पढ़ी जाए. आखिर दुनिया का सबसे लम्बा संविधान है भारत का. लेकिन भारत में कुछ कानून समझ से बहार है, या कहे क्रेजी लॉज़ हैं, जिनको जानना अत्यंत आवश्यक है ताकि हमे चौकाने रहे. भारत के ये कानून आपको विस्मित कर देंगे।

                                        Image Courtesy: The Indian Express

आत्महत्या का प्रयास अपराध है

आत्महत्या करना भारत में विचित्र और पागलपन वाले कानूनों में से एक है। भारतीय दंड संहिता में धारा 309 के अनुसार यदि हम आत्महत्या करने की कोशिश करते हैं, तो हम, बचने पर 1 साल तक के लिए जेल जा सकते हैं। अगर आप सफल रहे और आप मर गए, नहीं तो जेल जाएंगे।
यह वास्तव में एक अजीब है क्योंकि, यदि कोई व्यक्ति अपना जीवन समाप्त करने की योजना बना रहा है, तो उसे बचने के कानून को भी ध्यान में रखना पड़ेगा. बेचारा वैसे ही परेशान, अगर मर गया तो ठीक नहीं तो जेल आपका इंतज़ार करेगा.

आरक्षण के नियम

भारत में आज भी कुरीतियों के साथ आरक्षण का बसेरा भी है. देश में अलग आरक्षण, राज्यों में अलग आरक्षण ने अपने पाव जमा रखे है. कुछ जातियों के लिए विशेष कोटा है ताकि उनको समानता का अधिकार प्राप्त हो सके. परन्तु विडंबना यह है की, इस कानून की वजह से हमारे पास समानता नहीं है.   भारत में आरक्षण में 49% तक संभव हो सकता है। आज की तारीख़ में आरक्षण, चुनावी मुद्दा है और इस कानून का दुरूपयोग धडले से होता है. आरक्षण, पैसे वालो, नेताओ के द्वारा हिंसा और मौत का तांडव बनता नज़र आ रहा है. कानून का अक्सर उन लोगों द्वारा दुरुपयोग किया जाता है जिनको वास्तव में भत्तों की आवश्यकता नहीं है और बदले में, योग्य लोगो को भुगतना पड़ता है.

मदिरा पान के अलग अलग नियम 

भारत में 29 राज्य हैं और सबके अपने अलग-अलग कानून और नियम हैं। उनमें से एक मदिरा पीने के बारे में है। प्रत्येक राज्य ने अपने नागरिकों के लिए शराब पीने के लिए कानूनी आयु तय कर राखी है. कुछ राज्यों में कानूनी पीने की उम्र 25 साल और कुछ में 18 साल है. महाराष्ट्र में 25 और गोवा में 18 है। यह अजीब है कि एक नागरिक को 18 वर्ष की उम्र में सरकार का चुनाव करने का अधिकार है, लेकिन यह तय करने के लिए पर्याप्त परिपक्व नहीं है कि क्या वह शराब का सेवन करना चाहिए या नहीं। और अगर हम राष्ट्रीय स्तर पर बात करे तो 18 वर्ष से कम उम्र में मदिरा पान करना कानूनी अपराध है.

केरल में तीसरे बच्चे होने पर दंड 

चीन के बाद भारत के राज्य केरल में, दो से अधिक बच्चे होने पर दंड लागू होता है. तीसरे बच्चे वाले माता-पिता पर 10000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है.

परमिट के बिना पतंग उड़ा नहीं सकते

अधिनियम के अनुसार, पतंग भी एक विमान है, और आपको एक उड़ान भरने के लिए अनुमति की आवश्यकता होती है. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि भारतीय विमान अधिनियम, 1934 के अनुसार, आपको एक पतंग बनाने, पकड़ने या उड़ने के लिए एक परमिट की आवश्यकता होती है, जैसा कि किसी भी विमान के लिए उचित अनुमति प्राप्त होनी चाहिए। बिना अनुमति के उड़ने वाले ड्रोन भारत में ही अवैध है.

फैक्टरी एक्ट, 1948

हालांकि कारखानों के अंदर काम करने की परिस्थितियों और खतरनाक
नौकरियों में महिलाओं के रोजगार के लिए अलग-अलग कानून हैं, खासकर रात के लिए और कानून का कही न कही बिल्कुल विपरीत प्रभाव पड़ता है। महिलाओं को कारखानों में रात में काम करने की अनुमति नहीं है, भले ही अन्य व्यवसाय में नाईट शिफ्ट में महिलाये कार्य करती हैं जैसे बीपीओ, मीडिया हाउसेस, न्यूज़ चैनल में काम करना। रात में महिलाओं को काम करने की अनुमति के अलावा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता के लिए कोई कानून नहीं है.
तो आप इन कानूनों के बारे में क्या सोचते हैं? ऐसे और भी कानूनों की सूची हम आपके लिए लेकर आएंगे. आपके कमैंट्स जरूर दीजिये।

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