महवपूर्ण राइट्स (अधिकार) के बारे में जानिए, जिनके बारे में आपको पता होने चाहिए

हर भारतीय को इन अधिकारों (Rights) के बारे में पता होना चाहिए जो कानून द्वारा हमे दिए गए है.

क्या आप कोई भी वाशरूम/टॉयलेट का उपयोग कर सकते है? आप पूछेंगे ये कैसा सवाल है और आपको कोई अपने होटल/रेस्टोरेंट का टॉयलेट उपयोग क्यों करने देगा. पर इसका जवाब हां सुनकर आपको थोड़ी हैरानी जरूर होगी. इसी तरह आप पानी भी बिना पैसे दिए पी सकते है चाहे ढाबा हो या 5 सितारा होटल. पुलिस आपकी FIR ना लिखे अपनी मनमानी चलाये.

ऐसे और भी अधिकार है जो आम नागरिक के पास है और वो हमे ज्ञात ही नहीं है. और हमारी जागरुकता की कमी की वजह से हम समय पर इनका उपयोग नहीं कर पाते और खुद को मुसीबत में डाल लेते है. इसलिय आइये जानते है ऐसे ही कुछ अधिकार जो आपको अपनी रोजमर्र की ज़िन्दगी में पता होना चाहिए।

मोटर व्हीकल एक्ट, सेक्शन 185, 202

जिस किसी व्यक्ति के 100 मिलीलीटर सांस विश्लेषक परीक्षण ( Breath Analyzer Test) में, अगर रक्त में 30 मिलीग्राम से अधिक शराब मिलती है तो नशे में ड्राइविंग के तहत आप गिरफ्तार हो सकते है या आपके लिए गैर जमानती वारंट इशू हो सकता है.

भारतीय दंड संहिता, 166A

अगर किसी भी देश के थाने में कोई पुलिस अफसर या कर्मचारी आपकी FIR ना लिख रहा हो या आना कानी करे तो आप उसकी शिकायत दर्ज कर सकते हो. क्योकि कोई पुलिस अफसर आपको FIR के लिए माना नहीं कर सकता. इसलिय लिए उन्हें 6 माह से 2 साल तक की सजा हो सकती है.

इंडियन साराइज़ एक्ट 1867

कोई भी व्यक्ति अपने और अपने पालतू जानवरों के लिए किसी भी समय किसी भी होटल से नि: शुल्क पानी मांग सकता है। इसके अलावा, वह शौचालय का उपयोग भी मुफ्त में कर सकता है, और कोई भी उन्हें रोक नहीं सकता। आप किसी भी समय किसी भी होटल से पानी मांगने और शौचालय के उपयोग का अधिकार रखते हो.

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000

टेप रिकॉर्डर या फोन में दर्ज आवाज और संदेश, अदालत में एक सबूत के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, यह निश्चित शर्तों पर निर्भर करता है जैसे मान्य और महत्वपूर्ण साक्ष्य निश्चित रूप से दर्ज बातचीत से लिया जा सकता है।

दंड संहिता,1973 में धारा 51

दंड संहिता,1973 में धारा 51 के तहत केवल महिला अधिकारी ही महिला अपराधियों को गिरफ्तार कर सकती है वो भी सख्त गोपनीयता और शालीनता के तहत और इसका समय भी सुबह 6 से शाम 6 बजे तक निर्धारित है.

अनुच्छेद 22 (1) और 22 (2) के अनुसार जो भारत में निवारक हिरासत के बाद लागू होता है, गिरफ्तार किए गए किसी भी व्यक्ति 24 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता। गिरफ्तार किये गए व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर जज या अदालत के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए.

मोटर व्हीकल संशोधन विधेयक, 2016

यदि किसी व्यक्ति का चालान काट दिया गया है, वो उसी अपराध के लिए आपका चालान उस दिन दोबारा नहीं कट सकता.

मातृत्व लाभ अधिनियम,1961

कोई भी कंपनी/ऑफिस किसी महिला कर्मचारी को गर्भवती होने पर नौकरी से नहीं निकाल सकती. किसी भी कारण से महिला को अपने रोजगार से बर्खास्त नहीं किया जा सकता है।

2011 में, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के द्वारा गोद लेने के कानून में एक अकेले पुरुष व्यक्ति को एक बच्ची (गर्ल चाइल्ड) को गोद लेने के कानून को ख़ारिज कर दिया गया. ये कदम सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिए गया.

पुलिस एक्ट 1861

इस एक्ट के हिसाब से एक पुलिस वाला हमेशा ड्यूटी पर होता है. चाहे उसने वर्दी पहन रखी हो या न हो, वो किसी पीड़ित को मदद करने से माना नहीं कर सकता.

भारतीय दंड संहिता की धारा 294 का कहना है कि जनता में अश्लीलता एक आपराधिक अपराध है, लेकिन चुंबन या गले लगाने अपराध नहीं है। आप जनता के बीच किसी को गले लगा सकते हो और किस भी कर सकते हो.

1956 के हिंदू दत्तक ग्रहण और रखरखाव अधिनियम के अनुसार, विवाहित जोड़ों में एक ही लिंग के दो बच्चों को गोद नहीं ले सकते.

भारत में होटल एसोसिएशन (हाइ), जो भारत में 280 होटल से अधिक का प्रबंधन करता है, का कहना है कि ऐसा कोई नियम नहीं है जो अविवाहित युगल को भारत में किसी होटल में प्रवेश/रहने से इनकार करता हो.

thoughts/comments